पृथ्वी पर जब-जब पाप बढ़ा तो अवतरित हुए भगवान-आनंद
कौशाम्बी, मई 10 -- गंभीरा पूरब गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथा व्यास ने भक्तों को भागवान श्रीराम व श्रीकृष्ण के जन्म कथा का रसपान कराया। उन्होंने श्रोताओं को सुबह उठकर गुरु व माता-पिता को प्रणाम करने का संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुचरण करते हुए माता-पिता की आज्ञा मानने, भ्रातृत्व प्रेम व मित्रता निभाने का आवाहन किया। उन्होंने श्रोताओं को श्रीमद्भागवत कथा का मर्म समझाते हुए कहा कि द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज करता था। उग्रसेन की पुत्री देवकी व पुत्र का नाम कंस था। देवकी का विवाह वासुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण के जन्मोत्सव का वर्णन एक समय कंस अपनी बहन देवकी को उसकी ससुराल पहुंचाने जा रहा था। रास्ते में आकाशवाणी हुई कि हे कंस,...
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