औरंगाबाद, अप्रैल 22 -- विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जिले में बढ़ते तापमान और गहराते पर्यावरणीय संकट को लेकर चिंता जताई गई। कुटुंबा प्रखंड के चिरैयाटांड़ निवासी पर्यावरणविद् राजकुमार सनातनी ने कहा कि जिले में हर वर्ष गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और अप्रैल में ही तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना गंभीर संकेत है। उन्होंने बताया कि अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, बढ़ता प्रदूषण, मोटर वाहनों का अत्यधिक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन इसके प्रमुख कारण हैं। इसके चलते न केवल तापमान में वृद्धि हो रही है, बल्कि जलस्तर तेजी से गिर रहा है और छोटी नदियां व जलस्रोत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। यह भी पढ़ें- जमुई: मानव जीवन में पृथ्वी का महत्व अतुलनीय: प्रो गौरी शंकर उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी से खेतों की नमी घट रही है, जिससे फसलों की उत्पादकत...