विधि संवााददाता, मार्च 29 -- सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व डीआईजी विनोद शर्मा, दो अन्य कर्मियों सत्यवीर सिंह, तीरथ पाल चतुर्वेदी को सीआरपीएफ कांस्टेबल भर्ती से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 1.2 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। पत्रावली के मुताबिक सीबीआई ने 23 फरवरी 2009 को खुफिया इनपुट पर पूर्व डीआईजी विनोद शर्मा और अन्य पर एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि तत्कालीन डीआईजी ने आपराधिक साजिश रची थी। इसका उद्देश्य सीआरपीएफ में सिपाही (सामान्य ड्यूटी) के उम्मीदवारों से अवैध उगाही करना था। जांच में पाया गया कि विनोद शर्मा बिचौलियों को भर्ती कार्यक्रम, पदों की जानकारी पहले उपलब्ध करा देते थे। बदले में बिचौलिए उम्म...
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