नई दिल्ली, मार्च 12 -- नई दिल्ली। विशेष संवादददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2018 में कथित तौर पर देश के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस दीपक मिश्रा के बचाव में दाखिल मुकदमों के लिए केंद्र सरकार को के शुल्क और खर्च के तौर पर एक करोड़ रुपये देने का आदेश देने की मांग की थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने दावा किया था कि जब पूर्व सीजेआई जस्टिस मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने की तैयारी थी, तब उन्होंने उनके बचाव में छह मामले दाखिल किए थे।उच्च न्यायालय ने पांडेय की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने केंद्र को उनके द्वारा दायर किए गए छह मामलों के लिए शुल्क और खर्च के रूप में एक करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। मु...
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