बागेश्वर, जुलाई 29 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (गरुड़) शिवानी नाहर की अदालत ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर शाखा डाकपाल की नौकरी हासिल करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में अधिकतम तीन माह के कठोर कारावास और कुल 14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम जिले के जनोला गांव निवासी ओम प्रकाश पुत्र बीर सिंह की 12 अगस्त 2022 को ऑनलाइन जीडीएस भर्ती प्रक्रिया के तहत शाखा डाकघर नौघर स्टेट, कौसानी में शाखा डाकपाल पद पर अनंतिम नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के समय उसने वर्ष 2016 का जम्मू-कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का हाईस्कूल अंकपत्र प्रस्तुत किया था। दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के दौरान जम्मू-कश्मीर बोर्ड ने संबंधित अंकपत्र को पूरी तरह फर्जी और क...