रांची, अप्रैल 27 -- रांची, विशेष संवाददाता। पुलिस मुखबिरी के आरोप में भूषण सिंह और राम गोविंद की हत्या मामले में सजायाफ्ता नक्सली जेठा कच्छप और पूर्व विधायक पौलूस सुरीन की ओर से सजा के खिलाफ दाखिल क्रिमिनल अपील पर सोमवार को सुनवाई पूरी करने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों अपीलकर्ताओं ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। अपर न्यायायुक्त दिनेश कुमार की अदालत ने दोहरे हत्याकांड मामले में नक्सली जेठा कच्छप और पौलूस सुरीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने जेठा कच्छप पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह भी पढ़ें- टीपीसी के सदस्य प्रमोद गंझू को हाईकोर्ट ने नहीं दी जमानत जुर्माना नहीं देने की स्थिति में एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया ग...