बोकारो, जून 2 -- पूर्व मंत्री एवं चार बार विधायक रहे दिवंगत माधव लाल सिंह की ईमानदारी आज भी चर्चा का विषय है। महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने सादगी और उच्च आदर्शों को कभी नहीं छोड़ा। उनकी पत्नी का बैंक खाता तक नहीं था। जबकि राजनीति में अक्सर देखा जाता है कि एक बार विधायक बनने के बाद व्यक्ति और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति तेजी से बदल जाती है। चुनावी हलफनामों में भी जनप्रतिनिधियों और उनके परिजनों की संपत्ति में लगातार वृद्धि देखने को मिलती है। लेकिन माधव लाल सिंह का जीवन इससे बिल्कुल अलग रहा। यह भी पढ़ें- पूर्व मंत्री माधव लाल के निधन के बाद पहली बार पत्नी का खुला बैंक खातामाधव लाल सिंह का राजनीतिक सफर वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बनने के बाद वर्ष 2014 तक वे चार बार विधायक रहे तथा बिहार और झारखंड सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदा...