पूर्व मंत्री ने खनन एक्ट में संशोधन का किया विरोध
पलामू, अगस्त 17 -- मेदिनीनगर। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की सरकार सत्ता के केंद्रीकरण और चुनिंदा पूंजीपति समूहों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है, जिसका असर संघीय व्यवस्था, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहा है। प्रेस से अनौपचारिक बातचीत में सोमवार को उन्होंने कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन और 2026 में पारित खान एवं खनिज संशोधन विधेयक का वे विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों को प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाले राजस्व और सेस पर पर्याप्त अधिकार मिलना चाहिए, ताकि स्थानीय विकास, विस्थापन, प्रदूषण और पुनर्वास से जुड़े कार्य किए जा सकें। यह भी पढ़ें- खनिज संपदा पर राज्य का अधिकार : जकाउल्लाह त्रिपाठी ने झारखंड के अ...
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