गंगापार, मार्च 5 -- गुरु शिष्य परंपरा का अटूट उदाहरण होली पर्व पर प्राथमिक विद्यालय बघोलवा आदिवासी बस्ती जसरा में देखने को मिला। बंद हो गए विद्यालय पर कई वर्षों तक प्रधानाध्यापक रहे डॉ सुरेंद्र प्रताप सिंह बस्ती में पहुंचकर बच्चों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों से मिलकर सबको गुलाल लगाकर होली मनाया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने नम आंखों से उनसे आग्रह किया कि आप दोबारा इस विद्यालय में आइए और यहां के बच्चों का भविष्य मजधार में फंसा हुआ है उसे बचाइये। इसके लिए जनप्रतिधियों एवं समाजसेवियों को आगे आना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता करके यह काम बहुत ही सुगमतापूर्वक करा सकते हैं। यह गरीबों की एक अलग बस्ती ही है जहां विद्यालय का होना बहुत ही जरूरी है।

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