नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने गुरुवार को कहा कि बार एसोसिएशनों के विरोध के कारण सुप्रीम कोर्ट की वह कोशिश रुक गई, जिसमें लंबित मामलों से निपटने के लिए सेवानिवृत्त जज को हाईकोर्ट में 'एडहॉक' (अस्थायी) जज के तौर पर वापस लाया जाना था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ राजस्थान में न्यायिक अधिकारियों की वरिष्ठता से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी। सीजेआई ने कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश बोबडे, जस्टिस कौल और मेरी पीठ ने, सेवानिवृत्त जजों में से अस्थायी जज नियुक्त करने की परंपरा को फिर से शुरू किया था। हमने सोचा था कि हम इस चलन को दोबारा लागू करेंगे। लेकिन बार एसोसिएशनों के विरोध की वजह से यह पहल आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने प्रस्ताव पास करना शुरू कर दिया। सीजेआई ने कहा...