पूर्वी लोकगीत में मिलती है जीवन की झलक : प्रो. संगीता
मिर्जापुर, मई 21 -- चुनार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चुनार में बुधवार को पूर्वी लोकगीत : इतिहास, समाज और संगीत मिर्जापुर के विशेष संदर्भ में विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला के का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय कला संकाय की प्रो. संगीता सिंह कला ने कहा कि पूर्वी लोकगीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है, जिसमें लोकजीवन, परंपरा, भावनाओं एवं सामाजिक मूल्यों की जीवंत अभिव्यक्ति होती है। शोध छात्र प्रिय मिश्रा, श्रेया मिश्रा, सुधीर कुमार गौतम, हिमांशु, पुजारी एवं सुहासिनी शर्मा ने विद्यार्थियों को लोकगीतों का प्रशिक्षण दिया। यह भी पढ़ें- दस दिवसीय संगीत कार्यशाला आज से वक्ताओं ने पूर्वी लोकगीतों के इति...
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