लखनऊ, जनवरी 3 -- पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड इलाके में सिंचाई, पेयजल और भूगर्भ समस्याएं समाप्त होंगी। इन इलाकों में तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को नाबार्ड ने मंजूरी दे दी है। बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक, पूर्वांचल में सरयू नहर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मध्यगंगा परियोजना के दूसरे चरण का काम होगा। केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय की दीर्घकालिक सिंचाई कोष योजना (एटीआईएफ) के तहत नाबार्ड ने 6,431.34 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। तीनों परियोजनाओं से पूर्वी, पश्चिमी यूपी में बाढ़ नियंत्रण के साथ बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा। इसके अतिरिक्त कृषि उत्पादन और उत्पादन क्षेत्र दोनों में बढ़ोतरी होगी। नदियों के चैनलाइजेशन से ग्लोबल वॉर्मिंग की दिक्कतें भी कम होंगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल के साथ नाब...
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