वाराणसी, मई 24 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। पूर्वांचल में धान की सीधी बुवाई तकनीक (डीएसआर) से खेती की लागत कम हो सकती है। जल, श्रम और समय बचाना संभव होगा। सही मायने में यह किसानों के लिए अपार संभावनाओं वाली तकनीक है। उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी। इसके लिए वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, अयोध्या और लखीमपुर मुफीद जिले हैं। कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू में शनिवार को 'पूर्वी क्षेत्र: भविष्य के लिए कृषि तकनीकें' विषयक कार्यशाला में मुख्य अतिथि इरी-आइसार्क के वैज्ञानिक डॉ. आरके मलिक ने यह विचार व्यक्त किया। इससे पहले उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के उपमहानिदेशक डॉ. परमेंद्र सिंह और डॉ. सुशील कुमार यादव ने अतिथियों का सम्मान किया। यह भी पढ़ें- राज्य स्तरीय खरीफ गोष्ठी में सीडीओ...