सीतापुर, सितम्बर 26 -- पैंतेपुर, संवाददाता। पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध का पर्व पितृपक्ष शनिवार से शुरू हो गया है। भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक चलने वाली इस अवधि में सनातन धर्मावलंबी अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने का विशेष अवसर माना गया है। इस दौरान लोग खान-पान, आचरण और व्यवहार में भी संयम रखते हैं। राधाकृष्ण मंदिर के महंत शरद चंद्र मिश्रा ने बताया कि भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक पितृपक्ष की अवधि मानी जाती है। शास्त्रों में पितरों को देवतुल्य बताया गया है। यह भी पढ़ें- कपिलमुनि के पानी देने के साथ ही पितृपक्ष शुरू मान्यता है कि पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक किए ...