अयोध्या, दिसम्बर 7 -- अयोध्या,संवाददाता। काशी तमिल संगमम -4 में हिस्सा लेने तमिलनाडु के विभिन्न शहरों से आए शैक्षिक संस्थानों के विशेषज्ञों के दल के लिए काशी से प्रयागराज होते हुए अयोध्या धाम तक का यह भ्रमण एक अविस्मरणीय घटना बन गयी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के लोग अपने जीवनकाल में काशी की यात्रा हर हाल में करना चाहते हैं। हम लोग सौभाग्यशाली है कि काशी के गंगा स्नान के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान और फिर अयोध्या में रामलला का दर्शन मिला। निश्चित ही यह हमारे पूर्वजों के पुण्य का प्रभाव है। इसी पुण्य के उदय होने के कारण भगवान की कृपा हुई। मद्रास में मनोविज्ञान विषय की प्रोफेसर डा. विजय भानु कहती हैं कि पांच सौ साल के संघर्ष के बाद राम मंदिर निर्माण एक अद्भुत एहसास है जिसको शब्दों में नहीं व्यक्त कर सकते हैं। काशी तमिल संगमम के माध्यम स...