पूर्णिया, अप्रैल 13 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।पूर्णिया जिले में कभी बड़े पैमाने पर होने वाली गेहूं की खेती अब धीरे-धीरे सिमटती जा रही है। करीब बीस साल पहले जिले के लगभग हर इलाके में गेहूं की खेती व्यापक स्तर पर होती थी, लेकिन बदलते समय, बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के कारण किसान अब इस फसल से विमुख होते जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि कई किसान केवल अपने घरेलू उपयोग के लिए ही सीमित मात्रा में गेहूं की खेती कर रहे हैं। इस संबंध में किसानो का कहना है कि गेहूं की खेती में लागत के मुकाबले लाभ कम होता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव पड़ता है। खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और दवाओं की कीमत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा मौसम की अनिश्चितता भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। समय पर बारिश नहीं होना या अत्यधिक ठंड और पाला पड़ना फसल...
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