पूर्णिया, जनवरी 3 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।पूर्णिया जिले में भूमि परिमार्जन (भूमि अभिलेख सुधार) की प्रक्रिया अपेक्षित रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाने के कारण आम लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। भूमि स्वामित्व से जुड़े मामलों के निपटारे में देरी का सीधा असर नागरिकों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। ताजा प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में परिमार्जन के लिए अब तक कुल 1.18 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 99 हजार आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि करीब 18 हजार आवेदन अभी भी लंबित पड़े हुए हैं। लंबित मामलों में पूर्णिया पूर्व, बायसी और केनगर अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन अंचलों में आवेदन की संख्या ज्यादा होने के साथ-साथ दस्तावेजों में त्रुटि, सीमांकन विवाद, पुराने रिकॉर्ड में गड़बड़ी और ऑनलाइन प्रक्रिया की जटिलत...