पूर्णिया की शिवि ने लगाए अहीर भैरव के सुर
वाराणसी, मई 10 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में रविवार को अस्सी घाट पर डॉ.शिवि तिवारी का भावपूर्ण शास्त्रीय गायन हुआ। पूर्णिया विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर शिवि तिवारी ने गायन का आरंभ राग अहीर भैरव में परंपरिक बंदिश 'अलसाने हो लालन' से किया। इसके उपरांत द्रुत तीन ताल में 'बेगी-बेगी आओ मंदिर' सुनाने के बाद समापन कबीर के भजन से किया। उनके साथ तबला पर किशन झा और हारमोनियम पर प्रवीण कुमार सिंह ने संगत की। कलाकार को प्रमाणपत्र डॉ.रत्नेश वर्मा ने प्रदान किया। संचालन डॉ.प्रीतेश आचार्य ने किया। यह भी पढ़ें- पुणे के जयंत का सुमधुर शास्त्रीय गायन
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