भागलपुर, अप्रैल 18 -- पूर्णिया से धीरज की रिपोर्ट अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों के उच्च प्रभाव में होने से अक्षय योग बनेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता। चंद्रमा और गुरु (बृहस्पति) को विशेष प्रभाव से गजकेसरी योग भी बनेगा। इसे धन, मान-सम्मान और सफलता के लिए बहुत शक्तिशाली माना जाता है। अक्षय तृतीया पर 10 साल बाद एक बार फिर विशिष्ट योग बन रहा है। सूर्य, मेष और चंद्रमा कर्क राशि में होंगे। इससे तिथि का प्रभाव 100 गुना बढ़ जाएगा। इसमें दान, पुण्य और तीर्थ दर्शन का विशेष अक्षय फल मिलेगा। यह भी पढ़ें- Happy Akshaya Tritiya 2026: प्यार भरे इन 20 शुभ संदेशों से अपने प्रियजनों को भेजें अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं साथ ही कोई भी शुभ कार्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता ल...