पाकुड़, अप्रैल 3 -- प्रखंड के बासमती गांव स्थित श्री श्री 108 राधागोविंद मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सह अखंड हरिनाम संकीर्तन का शुक्रवार को भव्य समापन हो गया। गुरुवार को कथा संपन्न होने के बाद शुक्रवार की सुबह विधि-विधान से हवन की पूर्णाहुति दी गई, जिसके पश्चात महाप्रसाद का वितरण हुआ। इससे पूर्व गुरुवार को कथा के अंतिम दिन वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथावाचक शिवम कृष्ण जी महाराज ने भागवत महापुराण के सार पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुदामा चरित के माध्यम से निस्वार्थ मित्रता और सच्ची भक्ति की महिमा बताई। महाराज जी ने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं, वे धन-दौलत नहीं बल्कि भक्त का प्रेम देखते हैं। उन्होंने परीक्षित मोक्ष के प्रसंग के साथ समझाया कि भागवत कथा का श्रवण मात्र ही मनुष्य को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिला सकता...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.