महोबा, दिसम्बर 30 -- महोबा, संवाददाता। वीर भूमि के देशावरी पान को जीआई टैग मिलने के बाद भी पान की खेती का रकबा तेजी से नहीं बढ़ पा रहा है। पूरे साल किसान बाजार सहित अन्य समस्याओं से जूझते रहे। प्राकृतिक आपदाएं भी पान की खेती पर कहर बनकर टूट रहीं है। कई पान किसान तीसरी पीढ़ी में पान की खेती कर रहे है। पान किसानों को बदहाली से उबारने की जरुरत है। देशावरी पान वीर भूमि की पहचान है। यह पान अपने लचीरेपन और खाद स्वाद के लिए पूरे देश में विख्यात है। 90 के दशक में पान की खेती का रकबा कम होने पर पान की खेती संरक्षण की मांग उठी। बाद में सरकार के द्वारा 2021 में पान की खेती को जीआई टैग दिया। जीआई टैग मिलने के बाद पान की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए किसान प्रोत्साहन योजना सहित अन्य योजनाएं संचालित होने के बाद भी पूरे साल पान किसान परेशानियों से जूझता रहा। ...
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