नई दिल्ली, फरवरी 20 -- टू-व्हीलर में इस्तेमाल होने वाले टायर्स की लाइफ 25,000 से 30,000 किलोमीटर के करीब होती है। वहीं, कुछ टायर्स 20,000 किलोमीटर या उससे कफी पहले ही पूरी तरह घिस जाते हैं। टायर की लाइफ इस बात पर डिपेंड करती है कि उसे कैसे चलाया जा रहा है। साथ ही, किस तरह के रास्तों पर उसे चलाया जा रहा है। जब टायर घिस जाता है, तब उसे बदलना ही पड़ता है। टायर बदलने का मतलब है कि बिन बुलाए खर्चे को न्योता देना। हालांकि, गाड़ी की पंचर की इस प्रॉब्लम को एंटी पंचर लिक्विड की मदद से दूर किया जा सकता है। यदि आपकी गाड़ी का टायर पुराना हो गया है तब नया खरीदने से पहले एक बार इस लिक्विड का जरूर ट्राई करना चाहिए। ये लिक्विड टायर के अंदर डाल दिया जाता है और पंचर को ऑटोमैटिक रिपेयर कर देता है। साथ ही टायर अंदर से टायर के फटने वाले हिस्से को भी रिपेयर कर...
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