नई दिल्ली, मार्च 31 -- अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को जब ईरान पर हमलों की शुरुआत की तो शिया मुस्लिम देश ने भी जवाबी ऐक्शन लिया। सैद्धांतिक तौर पर यह ऐक्शन अमेरिका और इजरायल पर होना चाहिए था, लेकिन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे इस्लामिक देश ही हुए, जिन्हें अमेरिका का करीबी माना जाता है। ईरान ने इजरायल पर भी कुछ हमले किए, लेकिन वहां ज्यादा असर नहीं हुआ। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ज्यादा असर दिखा और वहां इमारतों पर ड्रोन और मिसाइलें गिरते दिखे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस्लामिक देश क्या अमेरिका से दोस्ती की कीमत ईरान के हमले झेलकर चुका रहे हैं। एक्सपर्ट्स सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अमेरिकी सैन्य ठिकानों से भरे हुए मिडल ईस्ट के देश इतनी आसानी से ईरान के हमलों का शिकार कैसे हो रहे हैं? इसका जवाब यह बताया जा रह...