पूजा-विधान और धार्मिक मान्यता
बिहारशरीफ, अक्टूबर 22 -- शरद पूर्णिमा की पूजा और परंपराएं पूजा-विधान और धार्मिक मान्यता : शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालु सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और घर के पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी तथा चंद्रदेव की आराधना करते हैं। कई परिवारों में इस दिन व्रत रखने की भी परंपरा है। शाम को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर दीप जलाए जाते हैं। इसके बाद घरों में खीर, फल और अन्य पकवानों का भोग लगाया जाता है। श्रद्धालु परिवार के सदस्यों के साथ पूजा कर सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि की कामना करते हैं। कुछ क्षेत्रों में मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और जागरण के आयोजन भी किए जाते हैं। दान-पुण्य के लिए भी शुभ : धार्मिक मान्यताओं में शरद पूर्णिमा को दान-पुण्य के लिए भी शुभ माना गया है। इस अवसर पर जरूरतमंदों को अ...
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