नई दिल्ली, दिसम्बर 21 -- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, व्रत या कोई शुभ कार्य शुरू करने से पहले संकल्प लेना अनिवार्य माना जाता है। संकल्प का अर्थ है दृढ़ निश्चय या प्रतिज्ञा। यह एक मानसिक और मौखिक घोषणा होती है, जिसमें हम कार्य का उद्देश्य, समय, स्थान और भगवान का नाम लेकर प्रतिज्ञा करते हैं कि हम यह कार्य पूरा करेंगे। शास्त्रों में कहा गया है कि संकल्प के बिना पूजा या व्रत अधूरा रहता है और उसका पूरा फल नहीं मिलता है। संकल्प से मन में दृढ़ता आती है और कार्य सफल होता है। आइए जानते हैं इसके महत्व को।संकल्प से कार्य में दृढ़ता और एकाग्रता आती है संकल्प लेने से मन में मजबूत इरादा बनता है। हम भगवान के सामने घोषणा करते हैं कि हम यह व्रत या पूजा पूरी श्रद्धा से करेंगे। इससे मन भटकता नहीं और एकाग्रता बनी रहती है। ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, संकल्प क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.