गिरडीह, मार्च 1 -- अजय भंडारी पीरटांड़। जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों की निर्वाणभूमि सिद्धक्षेत्र सम्मेदशिखर मधुबन भोमिया बाबा की भक्ति में सराबोर हो रहा है। जैन तीर्थयात्री धर्म ध्यान व पूजा आराधना कर बाबा संग होली महोत्सव मनाएंगे। होली महोत्सव को आकर्षक बनाने के लिए भोमिया बाबा का दरबार दुल्हन की तरह सज-धजकर तैयार हो गया है। मधुबन की आधात्मिक होली के लिए तीर्थयात्रियों का जुटान हो रहा है। बताया जाता है कि होली यानी रंग गुलाल मौज मस्ती का उत्सव माना जाता है पर सम्मेदशिखर मधुबन में इन सब चीजों का कोई महत्व नहीं है। मधुबन में भक्ति में पूजा आराधना के साथ पूर्णतः आध्यात्मिक होली मनाई जाती है। विभिन्न प्रान्तों से पहुंचे जैन श्रद्धालु बाबा की भक्ति के रंग में डुबकी लगाएंगे। भोमिया बाबा की भक्ति भावना के साथ गुलाल अर्पित कर होली का ज...