पटना, मार्च 12 -- कवयित्री ज्योति मिश्रा की गजल संग्रह 'हर फिक्र उजाला है' का लोकार्पण गुरुवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हुआ। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विकास वैभव, संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा आदि गणमान्य रहे। विकास वैभव ने कहा कि ज्योति मिश्रा प्रतिभाशाली लेखिका हैं। पुस्तक के माध्यम से समाज की पीड़ा व उनके जीवन के विविध रंगों से पाठकों को परिचित कराने का प्रयास है। मृत्युंजय कुमार झा ने पुस्तक के शीर्षक को आकर्षक बताते हुए कहा कि फिक्र को भी उजाले में बदला जा सकता है। लेखिका ज्योति मिश्रा ने लोकार्पित पुस्तक से गजलों का पाठ किया। मौके पर कवि सम्मेलन भी आयोजित हुआ, जिसमें कवि डॉ. रत्नेश्वर सिंह, अराधना प्रसाद, राजकंता राज आदि कवि-कवियित्रियों ने रचनाओं का पाठ किया।
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