गोरखपुर, फरवरी 18 -- डीडीयू दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में उजागर हो सकते हैं नए ऐतिहासिक तथ्य 1857 के पूर्व एवं पश्चात के ऐतिहासिक साक्ष्यों पर होगी बहस गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग एवं उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में महायोगी श्री गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में 19 और 20 फरवरी को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की गूंज: इतिहास लेखन (आंदोलन की केंद्रभूमि उत्तर प्रदेश के संदर्भ में) विषय पर अब तक की पुस्तकों में दर्ज ऐतिहासिक मान्यताओं पर मंथन होगा। मसलन भारत के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के रूप में 1857 की क्रांति दर्ज है, लेकिन क्रांतिकारी फतेह बहादुर शाही की उपस्थिति व भूमिका इस ऐतिहासिक तथ्य पर सवाल ख...