मेरठ, अप्रैल 24 -- विश्व पुस्तक दिवस पर तिलक पुस्तकालय एवं वाचनालय टाउन हॉल घंटाघर में संगोष्ठी हुई। धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष तस्वीर सिंह चपराना ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना है। मुख्य अतिथि प्रो. देवेश चंद्र शर्मा ने कहा कि पुस्तकें मानव जीवन की सच्ची मार्गदर्शक होती हैं, जो व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती हैं। तिलक पुस्तकालय वर्ष 1886 से निरंतर ज्ञान-वितरण एवं बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में पुस्तकालय में लगभग 60,000 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध हैं। जिसमें साहित्य, इतिहास, समाजशास्त्र, विज्ञान, दर्शन एवं अन्य विविध विषयों की पुस्तकें शामिल हैं।संगोष्ठी यह भी पढ़ें- कॉपीराइट की सही जानकारी से दूसरे के ज्ञान ...
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