मुजफ्फरपुर, मार्च 8 -- मुजफ्फरपुर। तंगहाली के कारण कुम्हारों की नई पीढ़ी आज पुश्तैनी पेशे से दूर होती जा रही है। डिजिटल हो चुके दौर में आज भी कोई शुभ कार्य कुम्हार समुदाय के उत्पाद के बिना पूरा नहीं होता, बावजूद इन्हें मुख्य धारा में लाने के उपाय न सरकार के स्तर पर किए जा रहे हैं और न समाज के स्तर पर। इस स्थिति को लेकर कुम्हारों में गहरी निराशा है। शहर के चतुर्भुज ठाकुर रोड में रहनेवाले कुम्हार परिवारों ने बताया कि मिट्टी के दाम दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन मिट्टी के उत्पाद के दाम घटते ही जा रहे हैं। बिक्री भी इतनी नहीं कि ठीक से परिवार का पेट पाल सकें। सरकार विशेष रूप से पहल करे तो अस्तित्व संकट से जूझ रहे पुश्तैनी पेशे में नई जान आए।जिले के कुम्हार समुदाय की हालत यह है कि अब न तो गर्मी के मौसम में पानी के घड़ों की दुकान पर ग्राह...
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