पुलिस यातना के खिलाफ पहला बड़ा फैसला
नई दिल्ली, जुलाई 6 -- माया दारूवाला,वरिष्ठ मानवाधिकार सलाहकार अप्रैल 2026 में मदुरै की विशेष सीबीआई अदालत के जज जी मुथुकुमारन ने दो लोगों की हत्या के अपराध को 'दुर्लभ में दुर्लभतम' बताते हुए नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई। हिरासत में मौत के मामले में भारत में यह इस तरह का पहला फैसला है। तमिलनाडु के जयराज और बेनिक्स इस दिन को देखने के लिए जीवित नहीं हैं। 59 साल के जयराज और उनका 31 वर्षीय बेटा बेनिक्स तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के सतानकुलम में मोबाइल एक्सेसरीज की एक छोटी दुकान चलाते थे। छह साल पहले, जून 2020 में पुलिस ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान उन्हें सिर्फ इस कारण हिरासत में ले लिया कि उनकी दुकान तय समय से थोड़ी देर बाद तक खुली थी। इसके तीन दिन बाद बेनिक्स ने अंदरूनी रक्तस्राव के कारण दम तोड़ दिया। कुछ घंटों बाद ही फेफड़े फटने और शायद...
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