रांची, मार्च 12 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाइकोर्ट ने पुलिस द्वारा सरकारी वकीलों को केस डायरी उपलब्ध कराने में होने वाली अत्यधिक देरी पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुखदेव कर्मकार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इसे निराशाजनक स्थिति करार दिया। अदालत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि जुलाई 2025 में दर्ज किए गए एक मामले में अब तक राज्य के वकील को केस डायरी उपलब्ध नहीं करायी गयी है।सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि लगभग हर मामले में जब तक कोर्ट का आदेश नहीं होता, पुलिस केस डायरी नहीं भेजती है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि भविष्य में मामले की जानकारी मिलने के 10 दिनों के भीतर पुलिस को अनिवार्य रूप से केस डायरी सरकारी वकील को सौंपनी होगी। अदालत ने कहा कि केस डायरी उपलब्ध न होने के कारण कई बार मामल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.