आगरा, मार्च 28 -- बच्ची के हत्यारोपी सुनील तक पहुंचना आसान नहीं था। वह मोबाइल नहीं रखता था। पुलिस को उम्मीद थी कि वह अपने किसी परिचित को फोन करके यह जानने का प्रयास करेगा कि क्या चल रहा है। पुलिस ने कई मोबाइल नंबर सर्विलांस पर ले रखे थे। पुलिस सक्रिय नहीं होती तो बुधवार को सुनील घर से आटे का ड्रम निकालकर ले जाता। ऐसा होता तो बच्ची का शव तक बरामद नहीं होता। घटना की गुत्थी बुरी तरह उलझ जाती। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि सुनील सुबह ही शराब पी लेता था। दिनभर नशे में रहता था। यह जानकारी प्रज्ञा के पिता और मोहल्ले वालों को पहले से थी। इसके बावजूद उसे किराए पर कमरा दे दिया गया। सुनील की इन्हीं हरकतों के कारण पत्नी उसे छोड़कर चली गई। मंगलवार को हत्या हुई थी। बुधवार को सुनील मोहल्ले में आया था। गली में हर तरफ पुलिस मौजूद थी। यह देख वह अ...