लखनऊ, अगस्त 20 -- यूपी पुलिस द्वारा किये जाने वाले कथित हाफ एनकाउंटर पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने तल्ख टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा है कि हम अक्सर देख रहे हैं कि पुलिस किसी व्यक्ति को पकड़ती है तो प्रायः एक और एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। इसमें यह आरोप लगाया जाता है कि जब अभियुक्त को पकड़ा गया तो उसने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की। सामान्यतः पुलिसकर्मियों की वर्दी को एक छर्रा भी नहीं छू पाता और सभी पुलिसकर्मी बिना किसी चोट के बच निकलते हैं। जबकि पुलिस एक गोली चलाती है और वह अभियुक्त के घुटने अथवा उससे नीचे लगती है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि पुलिस में वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने, आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने या सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए अभियुक्तों के पैरों में गोली मारने की खतरनाक प्रवृत्ति बढ़ रही है, सजा देने का अधिकार न्यायप...