रामपुर, जनवरी 7 -- साहब खुश हैं, तो छुट्टी बिना पेश हुए मिल जाती है। साहब नाराज हैं, तो घंटों इंतजार करना पड़ता है। छुट्टी कभी तो आसानी से मिल जाती है, कभी छुट्टी का आवेदन देने पर फटकार मिलती है। मुंशी अपने चहेतों की छुट्टी तत्काल करा देते हैं। अन्य पुलिस कर्मियों को टहला देते हैं। ऐसे आरोपों पर अब रोक लगने जा रही है। पुलिस कर्मियों को छुट्टी के लिए कागजी घोड़े या फिर भागदौड़ करने से निजात मिलेगी। अपने मोबाइल फोन से छुट्टी की अर्जी भेजेंगे और मोबाइल पर ही मंजूरी का मैसेज मिल जाएगा। यह व्यवस्था पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र ने लागू की है। एक जनवरी से शुरू हुई इस योजना का काफी सिपाही लाभ भी ले चुके है। यह कदम अवकाश प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, कुशल और निष्पक्ष बनाएगा, जिससे पुलिस कर्मियों के बीच विश्वास बढ़ेगा और उनके मनोबल को बनाए रखने में मदद ...
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