रांची, फरवरी 15 -- रांची। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के बजाय नई एफआईआर दर्ज कर निरंतर कस्टडी में रखने के प्रयास पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी से एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा है। मरांडी ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में घोटालों को छुपाने और राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए एसीबी, सीआईडी और पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने अवैध डीजीपी की नियुक्ति का भी मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि राज्य में अवैध खनन, वसूली, जमीन और अन्य मामलों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता की शिकायतें मिल रही हैं।
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