नवादा, मार्च 27 -- वारिसलीगंज, निसं दो दशक पहले नालंदा के कतरीसराय से सफेद दाग को ठीक करने के नाम पर शुरू हुआ ठगी का धंधा धीरे धीरे साइबर ठगी के रूप में वारिसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में पूरी तरह से फैल चुका है। धंधे में संलिप्त सैकड़ों युवा अब तक जेल जा चुके हैं। बावजूद जालसाजी का धंधा बदस्तूर जारी है। समय के साथ ठगी का स्वरूप बदलते रहा है। थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने अपने सोशल अकाउंट के माध्यम से एक पोस्ट डाल कर कहा है कि थाना में किसी भी केस का ऑनलाइन होते ही सक्रिय ठग अपना काम शुरू कर देता है। इसके तहत ठग अपने को पुलिस अधिकारी बता कर आवेदन पर रहे मोबाइल पर फोन कर केस में सहायता करने के नाम पर राशि की मांग करता है। थानाध्यक्ष के अनुसार क्षेत्र के दो विभिन्न मामले से जुड़ी दो महिला सूचक को ठग ने फोन कर केस में सहायता करने के एवज में ऑनलाइ...