रांची, सितम्बर 25 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर नियुक्त दिकेश कुमार समेत अन्य याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं को सेवा से हटाए जाने से लेकर पुनर्बहाली तक की पूरी अवधि का बकाया वेतन और सभी परिणामी सेवा लाभ आठ सप्ताह के भीतर प्रदान किए जाएं। अदालत ने सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें काम नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत के आधार पर बर्खास्तगी अवधि का वेतन देने से इनकार किया गया था。 यह भी पढ़ें- जेलों के स्वीकृत पदों पर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति असंवैधानिक2016 की नियुक्तियों में अनियमितता की शिकायत के बाद हुई थी कार्रवाई मामला वर्ष 2016 में जैप में हुई चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्त...