रिषिकेष, फरवरी 14 -- परमार्थ निकेतन में शनिवार को पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। हवन यज्ञ में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने ऋषिकुमारों संग आहुति डाली। उन्होंने कहा कि सात वर्ष पूर्व आज ही के दिन पुलवामा में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। वह दिन भारत की आत्मा को झकझोर देने वाला क्षण था। कहा कि जांबाज जवानों का बलिदान राष्ट्रधर्म की सर्वोच्च साधना थी। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर अपने कर्तव्य, संकल्प, सेवा और समर्पण का अद्भुत परिचय दिया। जब उस दिन विस्फोट की गूंज उठी थी, तो वह केवल बारूद की आवाज नहीं थी, वह पूरे भारत के हृदय में उठी एक हुंकार थी। हर भारतीय की आंख नम थी, परंतु हर सीना गर्व से भी तना हुआ था। उन्होंने सभी से शहीदों के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रसेवा, एकता ...
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