कटिहार, अगस्त 18 -- कटिहार। तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में मोक्ष की सीढ़ी चंडकौशिक का डंक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुनि प्रशांत कुमार ने कहा कि मोक्ष पहुंचने के लिए जीवन में साधना की अपेक्षा होती है। सांसारिक जीवन में रहते हुए भी साधु की तरह जीवन जी सकते हैं। प्रत्येक धर्म संसार से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। भारतीय संस्कृति में ऋषि मुनियों की प्राचीन संस्कृति रही है। वेद में चार आश्रम का वर्णन मिलता है। आगम में श्रावक जीवन साधु जीवन की आचार संहिता, साधना, कर्म मुक्ति का तीर्थंकरों ने उपदेश दिया है। जहां जीवन सम्यक होता है वहां अपराध अपने आप कम हो जाते हैं। यही धर्म का सार होता है। साधना करके कितने ही जीवों ने मुक्ति को प्राप्त किया है। मोक्ष का मार्ग कठिन होता है लेकिन पुरुषार्थ के द्वारा मंजिल की प्राप्ति हो जाती है। यह भी पढ़ें-...