नई दिल्ली, मई 29 -- यूपी की राजधानी लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित पुराने हाईकोर्ट की सीएससी बिल्डिंग में विधि द्वितीय वर्ष का छात्र मो. मेराज साथियों संग मिलकर ठगी का चैंबर चला रहा था। मेराज और गिरोह के सदस्य खुद को जिला कोर्ट और सचिवालय का अफसर बताकर बेरोजगारों को फंसाते थे। उन्हें कोर्ट में अर्दली, बाबू बनाने के अलावा पोस्टल विभाग में पोस्टमैन की नौकरी लगवाने का प्रशिक्षण और फर्जी नियुक्तिपत्र देता था। इस तरह उसने नौ बेरोजगारों से 35 लाख से अधिक रुपये ठग लिए। जानकारी होने पर बुधवार को बेरोजागरों ने विरोध किया तो उन्हें स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जमकर पीटा। पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकले, जबकि मेराज को पीड़ितों ने धर दबोचा। वजीरगंज पुलिस जालसाज को पकड़कर थाने ले गई। कड़ाई से हुई पूछताछ और पीड़ियों के बयान से गिरोह का खुलासा ह...