नई दिल्ली, जून 18 -- नया फोन खरीदते समय आपने अक्सर देखा होगा कि कंपनियां पुराने फोन के बदले हजारों रुपये का एक्सचेंज डिस्काउंट ऑफर करती हैं। कई बार सवाल उठता है कि आखिर कंपनियां पुराने फोन खरीदकर उनका क्या करती हैं? क्या वे सिर्फ रीसाइक्लिंग के लिए होते हैं या फिर उनके पीछे कोई बड़ा बिजनेस मॉडल काम करता है? कई यूजर्स को चिंता है कि कहीं उनका डाटा तो नहीं इस्तेमाल किया जाता। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। जब कोई ग्राहक अपना पुराना फोन एक्सचेंज में देता है, तो वह फोन सीधे कबाड़ या स्क्रैप में नहीं जाता। ज्यादातर मामलों में फोन की जांच की जाती है और उसकी कंडीशन के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाती है। अगर फोन अच्छी स्थिति में है, तो उसे रिपेयर और रीफर्बिश करके दोबारा बेचा जाता है। आज भारत में रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाजार तेजी से ब...