नई दिल्ली, जुलाई 16 -- सावन आने वाला है और एक बार फिर से आप हरी चूड़ियां खरीदेंगी। एक नहीं कई दर्जन लेंगी और पहनकर फिर से डिब्बे में भरकर रख देंगी। लेकिन अगले साल जब आप दोबारा इन्हें निकालती हैं तो ये पहनने लायक नहीं रह जातीं। कारण इनका कलर छूट जाता है, शाइन खत्म हो जाती है और कुछ टूट चुकी होती हैं। जिससे चूड़ियों के पूरे सेट भी नहीं बन पाते। अब समझ नहीं आता कि इन बेकार चूड़ियों का क्या किया जाए। क्योंकि कांच की चूड़ियों को सुहाग की निशानी माना जाता है और इसे कूड़े में डालने से घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएं मना करती हैं। अगर आपके साथ भी ये समस्या है तो जान लें आखिर इन पुरानी चूड़ियों का क्या करें?कूड़ेदान में ना डालें पुरानी हो चुकी चूड़ियों को कूड़ेदान में डालने से मना किया जाता है। कांच की चूड़ियों को सुहाग की निशानी मानते हैं इसीलिए घर की...