ललितपुर, मार्च 16 -- ललितपुर। श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर महाराज ने जीवन में पुण्य की महिमा बताते हुए कहा कि परिणामों में आकुल व्याकुल नहीं होना चाहिए। प्रभु की भक्ति साधु संगति और सेवा में शुभ भाव आते हैं और जीवन धर्म की ओर बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पुरानी मूर्ति का जीर्णोद्धार और नवीन मूर्ति का पंचकल्याणक एक साथ होना सातिशय पुण्य का कारण और अपने आप में अनूठा संयोग है। भगवान शान्तिनाथ के एक साथ तीन पंचकल्याणक श्रावकों को मिल रहे हैं। अहोभाग्य, प्रभु आराधना का अवसर मिलेगा। धर्मसभा से पहले मुनिश्री का पादप्रक्षालन जैन पंचायत के साथ शान्तोदय, देवोदय व सतोदय तीर्थ के पदाधिकारियों ने किया। मुनि संघ के सानिध्य में आगामी आठ अप्रैल से 13 अप्रैल तक शान्तोदय तीर्थ जहाजपुर...