वाराणसी, नवम्बर 22 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'टेराकोटा आर्ट ऑफ काशी' विषयक दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी राजघाट स्थित वसंत महिला महाविद्यालय में हुई। संगोष्ठी में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों की उपस्थिति में 40 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। समापन सत्र के मुख्य अतिथि पुरातत्वविद् प्रो.वसंत शिंदे रहे। शुक्रवार के सत्र में उन्होंने टेराकोटा कला के प्रारंभिक विकास, सांस्कृतिक उपयोगिता तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य पर चर्चा की। उन्होंने राखीगढ़ी उत्खनन के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुरातात्विक अनुसंधान में स्थानीय समुदायों और क्षेत्रीय शोधकर्ताओं की सहभागिता जरूरी है। देशभर से जुटे विद्वानों ने काशी की टेराकोटा कला के ऐतिहासिक विकास, धार्मिक महत्व, लोक-सांस्कृतिक उपयोग, सामाजिक भूमिका तथा समकालीन संभावनाओं पर विमर्श किय...
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