वाराणसी, मई 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गौप्रहरी प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी गुरुवार को पुरस्कृत किए गए। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को केदार घाट स्थित श्रीविद्यामठ में आयोजित समारोह में विजेताओं को स्मृति चिह्न एवं प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया। श्रीगुरुकुलम न्यास द्वारा गौ प्रहरी प्रतियोगिता का आयोजन जिले के विद्यालयों में किया गया था। इसमें कक्षा तीन से 12 तक के छात्र एवं छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को एक पशु के रूप में नही बल्कि धर्म, संस्कृति और सृष्टि की पोषिका के रूप में देखा गया है। वैदिक परंपरा से लेकर आधुनिक समय तक गौमाता भारतीय समाज, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण...