सीतामढ़ी, अप्रैल 19 -- पुपरी। पुपरी शहर में अब तक का सबसे बड़ा त्रासदी की रात शुक्रवार साबित हुआ। जब भीषण अग्निकांड में परिजन व लोगों के समक्ष जलकर राख हो गए पिता व पुत्री। चाहकर भी लोग पिता व पुत्री को बचा नही सकें। गरीबी की छाया व बीमारी की लाचारी ने 50 वर्षीय विनोद कुमार उर्फ लालबाबू को पिछले साल से बेड पर रहने को विवश कर रखा था। छोटे से कमरें में विनोद कुमार रहते थे।इसमें खाना बनाया जाता था। किंतु किसे पता था कि खाना बनाने में पिता-पुत्री की जलकर मौत हो जाएगी। आग से घिर चूकें विनोद कुमार को बचाने के लिए छोटी कुमारी ने जिस साहस का परिचय दिया, वह मरकर भी अमर हो चुकी है। यह भी पढ़ें- पिता को बचाने को आग में कूद गई बेटी, भाई-बहन की दर्दनाक मौत; बिहार में लीक सिलेंडर से तांडव छोटी जानती थी कि वह पिता को नही बचा सकी तो स्वयं भी नही बच पायेगी...