लखनऊ, जून 30 -- शिक्षा, शोध और व्यावहारिक पुनर्वास सेवाओं को एक मंच पर लाकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय ने जयपुर की श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) के बीच समझौता किया है। एमओयू से प्रदेश के दिव्यांगजनों को आधुनिक कृत्रिम अंग, पुनर्वास सेवाओं और कौशल विकास का सीधा लाभ मिलेगा। कुलपति प्रो. संजय सिंह की देखरेख में कुलसचिव रोहित सिंह और सहायता समिति के सेक्रेटरी डॉ. दीपेन्द्र मेहता ने मंगलवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

व्यावहारिक प्रशिक्षण और नवाचार पुनर्वास विवि के कुलपति प्रो. सजंय सिंह ने बताया कि समझौते से विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। एमओयू के तहत दोनों संस्थान कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक्स), ऑर्थोटि...