वाराणसी, सितम्बर 14 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संतान की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने जीवितपुत्रिका (जीउतिया) का निर्जला व्रत रविवार को रखा। 24 घंटे के कठिन व्रत का पारण 15 सितंबर को होगा। व्रती महिलाओं ने ज्यूतिया पूजन के लिए शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद से ही जलत्याग कर दिया था। व्रती महिलाओं ने दोपहर से ही अपने सुविधाजनक स्थान गंगाघाट, वरुणा नदी के किनारे, ईश्वरगंगी तालाब, कपालमोचन तीर्थ, बीएलडब्ल्यू तालाब, संकुलधारा पोखरा, कंदवा पोखरा आदि तालाबों के किनारे पहुंच कर पूजन अर्चन किया। आस्था का मुख्य केंद्र लक्सा स्थित लक्ष्मीकुंड मंदिर बना। धर्म की नगरी काशी में माताओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु की कामना से माता लक्ष्मी का विशेष पूजन किया। लक्ष्मीकुंड स्थित मंदिर की गली से लेकर गुरुबाग तिराहे तक जिधर भी नजर जाती महिलाओं की भीड़ ही नजर ...
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