मुजफ्फरपुर, अप्रैल 24 -- कांटी। साहित्य भवन कांटी में शुक्रवार को पुण्यतिथि पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को याद किया गया। वक्ताओं ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। नूतन साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने कहा कि दिनकर की कविताओं में एक तरफ ओज, वीरता, आक्रोश व क्रांति दिखती है। वहीं, दूसरी ओर मानवतावाद व कोमल शृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति भी है। दिनकर की रचनाएं युगों तक प्रेरित करती रहेंगी। परशुराम सिंह ने कहा कि दिनकर ने भारतीय आत्मा को जागृत किया और पूरे राष्ट्र में स्वाभिमान, संघर्ष तथा चेतना का अमिट संदेश दिया। चंद्रकिशोर चौबे, रामेश्वर महतो, रामेश्वर सिंह आदि थे।

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